
योग जो बैठे को उठा दे, लेटे को खड़ा कर दे, और खड़े को दौड़ा दे”इस महान उद्देश्य को पूरा करने के लिए मानसिक रूप से पीड़ित रायपुर के गांव गोढ़ी में अपना घर के लगभग 130 प्रभु जनों(अपना घर में पीड़ितों को प्रभु जन कहा जाता है, क्योंकि ये अपना नाम एवम् पता बता नहीं पाते हैं) यानि निराश्रित एवम् मानसिक रूप से पीड़ित जनों को योग दिवस पर योग कराया गया है, जो मील का पत्थर साबित होगा, अपना घर गाँव गोढ़ी में जो प्रभु जन निराश्रित जीवन यापन कर रहे हैं, उन्हें अपने घर का पता मालूम नहीं है,भारतीय योग संस्थान रायपुर छत्तीसगढ़ ने समाज के आखिरी वर्ग तक पहुंचने का प्रयास किया है,जो प्रशंसनीय है, यह कार्य निष्काम सेवा, ईश्वर सेवा, नर सेवा, नारायण सेवा हमारे महान शिक्षिकाओं आदरणीय मेम श्रीमति लता चौधरी, श्रीमति सविता मिश्रा, श्रीमति सोनिया पोपटानी, श्रीमति जया जयसिंघानिया मैम द्वारा सफल कार्यक्रम किया गया है, अभी भारतीय योग संस्थान निःशुल्क के रायपुर में 68 अड़सठ केंद्र हैं,जो प्रतिदिन 200 शिक्षको एवम् शिक्षकाओ द्वारा रायपुर के पार्कों में, मंदिरों में, खुले स्थानों में निःशुल्क सेवाएँ देते हैं और कोई अपेक्षा नहीं रखते हैं।
