संत महात्माओं के पैर छूने के लिए उमड़ने के बजाय उनके द्वारा बोले गए प्रवचन को आत्मसात करना ही सच्ची भक्ति है*:- साईं कालीराम *साईं राम चंद जी ने कहाँ वर्सी में प्रथम भोज ब्राह्मण भोजन से होता है जिससे सबसे ज़्यादा सुकून मिलता है*

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स्वामी हरिगिर महाराज वर्सी महोत्सव में आज भजन एवं सत्संग संध्या उल्हासनगर के संत काली राम जी के संग बड़े हर्षोल्लास के साथ संपन्न*

रायपुर। स्वामी हरिगिर महाराज का 58वां वर्सी महोत्सव आज दिनांक 26 अगस्त को शताब्दी नगर तेलीबांधा में स्थित स्वामी हरिगिर महाराज धर्मशाला जय शक्ति धाम समिति में साईं रामचंद बाबा झंगल दास वाधवा परिवार के सानिध्य में बड़े ही हर्षोउल्ल से आरंभ हुआ सबसे पहले प्रातः 9 बजे दुर्गा माता पाठ आरंभ हुआ फिर प्रातः 11 बजे अखण्ड पाठ साहेब भाई गोविंद सिंह द्वारा दोपहर ठीक 1:00 बजे अत्यंत ही मार्मिक माहोल में ब्राह्मण भोजन संपन्न हुआ साईं राम चंद जी ने कहाँ वर्सी में प्रथम भोज ब्राह्मण भोजन से होता है जिससे सबसे ज़्यादा सुकून मिलता है दोपहर 2:00 भंडारा तथा 4:00 बजे स्वामी हरिगिरि महाराज की स्मृति में बाबा झंगलदास वाधवा परिवार द्वारा 160 परिवारों को अनाज वितरण किया गया तथा आज की भजन एवं प्रवचन संध्या में पूज्य वसणशाह दरबार से पधारे सतगुरु साईं काली राम ने प्रवचन में कहा संत महात्माओं के पैर छूने के लिए उमड़ने के बजाय उनके द्वारा बोले गए प्रवचन को आत्मसात करना ही सच्ची भक्ति है जिससे आपके मन को शांति मिलेगी खुशी मिलेगी और आपका उद्धार होगा । चेतन तारवानी98261-22115